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18 दिसंबर, 2010

रब के रूठने से बेपरवाह : इम्तियाज अली



अनुराग की फिल्मों में जितना तनाव है, इम्तियाज की फिल्मों में उतना ही उल्लास है. उनके नायक अमीर हैं, अक्सर उद्योगपति (बशर्तें आप ‘लव आजकल’ के पुराने सैफ को छोड़ दें) और उनकी नायिकाएं परियों जैसी हैं, खुशी के रंग के कपड़े पहनकर चहकती और लगातार बोलती हुईं. उनके किरदार हाजिरजवाब हैं, उनकी मुश्किलें बस प्यार की ही हैं और उनकी फिल्मों में कुछ पंजाबी किस्म के गाने और एक खूब हिट होने वाला उदास गाना(‘एक पेड़ हमने प्यार का’, ‘आओगे जब तुम साजना’ या ‘ये दूरियां’) जरूर होता है. अब आप कह सकते हैं कि फिर उनके नायक राज मल्होत्रा से, उनकी नायिकाएं अंजलि से और उनकी फिल्में ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ से कैसे अलग हैं और वे क्या नया रच रहे हैं?

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